रईस भाई आपका सवाल असलामअलैकुम सिराज भाईः मेरा सवाल है हमारा बँक बॅलन्स होता है बँक में और इस पर कुच्छ इन्टरेस्ट… अनतरेस..मिलता है इसका यूज़ किस तरह से क्या जाए इसपर वज़ाहत-तब्सेरह से बाताईए…

जवाबः

सबसे पहेले जितना होसके बँक के कारोबार से दूर रहें क्योंके इसमें सूदी कारोबार होता है किसी भी क़िस्म से सूदी कोरोबारसे तालुक़ रखने वाला अल्लाह और उसके रसुल से ऐलान जंग करता है.

अब बाज़ औक़ात ऐसा होता हैके चन्द नागुरेज़ हालात के तहत बँक का अ.सी मेनटेन करना पड़ता है जैसेः सॅलरी/ए.सी वग़ैरे…ऐसी सुरत में जो हाफ़ इयरली या क्वार्टली इनटरेस्ट जमा होता है इसका क्या किया जाए…

ऐसी रक़्म का हिसाब रखकर जो रक़्म जमा… जामे हो इसे एसे कोई मजबूर शख़्स को देदिया जाए जिससे इसकी बुन्यादी ज़रुरत पुरी होजाए और इस क़िस्म की मदद करने पर किसी सवाब की उम्मीद या निय्यत ना रखें….

इस तालुक़ से इस रक़्म के इस्तेमाल की कुच्छ ग़लत फ़हेमीयां हैः

1)इनटरेस्ट की जामे शुदा रक़्म.. लेटरीन-बाथरुस के कामो पर लगासकते हैं चाहे वह घर की हो या मसजीत की (ग़लत है.(2)ऐसी रक़्म लोगो की एज्युकेशन के लिये सर्फ करना ग़लत है(3)आम मेडीकल सहोलत फ़राहम करना जिस के बग़ैर भी वह जिन्दा रहे सकता हो (ग़लत है)वगैरह वगैरह.