सिराज भाई मेरा सवाल है अगर कोई शख़्स हजे बद्ल करना चाहरहा होतो किया उस को हाजी होना चाहिए.

आस्कड बायः अमन खाँन, औरंगाबाद,महाराष्ट्र-इंडिया-

आस्कड ऑनः18-10-2014,5:24पीएम

आस्कड ईन-फ्हम अलक़ुर्आन-2 ग्रुप

जवाबः

जो शख़्स हजे बद्ल करना चाहता हो इसका हजे अदा करना ज़रुरी है.

इसकी दलील ये हदीस है.

(अरबी…

तर्जुमाः

ईब्ने अब्बास रज़ी अल्लाह ताअला अन्हू फ़रमाते हैः

नबी सल्लाह अल्लाह व अल्हे व सल्लमने एक शख़्स को लबैक-ऐन् शबरुमा) यानी शबरुमा की तरफ़से लबैक) कहेते हुए सुना-

सल्लाह अल्लाह व अल्हे व सल्लमने उससे पुच्छाः यह शबरुमा कोन है.

इसने कहा-वह मेरे भाई है या मेरा रिश्तेदार है.

नबी सल्लाह अल्लाह व अल्हे व सल्लम-ने इस से पुच्छा- किया तुने अपना हज्ज् किया है.

इसने कहा-नहीं

फिर आप सल्लाह अल्लाह व अल्हे व सल्लमने फ़रमायाः

पहिले अपना हज् करो फिर शबरुमा की तरफ से हज्ज् अदा करना-

(सुन्न् अबी दाऊदः1811)

इस हदीस से माअल्वुम हुआ के पहिले अपना हज्ज् करना चाहिए फिर हज्ज् बद्ल कर सकते हैं. याद रहें ज़िंदा साहब इसतेताअत और सहेतमंद की तरफ़ से हज्ज् बद्ल अदा करना सहीह नहीं-और ये सुन्नतों से साबीत नहीं है.