सवालः सिराज भाई।अल्लाह तबारक् व तआला ने जब हज़रत आदम अलैहिस्सलाम् की तख़लीक़(यानी बनाने का ईरादा किया तो सब्से पहले किया बनाया,तफ़सील से बताईए.

आसक्ड बाय-पी.माजीद क़ासमी,

कोरांजी-कराची-पुसतान

आसक्ड ऑन-01-11-201410:34-पीएम

आसक्ड ऑनःफ़हेमुल् क़ुरआन-8,ग्रुप.

जवाबः

अल्लाह तआला ने आदम अलैहिस्सलाम् को पैदा करने (तख़लीक़)से पहेले बहूतसी मख़लूक़ को पैदा किया जिनकी तफ़सील के लिए सिर्फ एक हदीस सहीह मुसलीम की काफ़ी है और इस हदीस में आपके सवाल का पुरा और इतमीनान बख़्श जवाब मौजूद है.

सहीह मुसलीम की हदीस इस तरह है.

(अरबिक………….

तर्जुमाः

अबु हुरेरह रज़ी अल्लाह ताअला अन्ह से रिवायत है.

वह कहेते हैं:रसुल अल्लाह सल्लाहु अलैहि व सलल्म्- ने मेरा हाथ पकडा-फीर फ़र्माए.

अल्लाह ने मिट्टी को (यानी ज़मीन को (हफ्ते) यानी सनीचर-सेटरडे के दिन पैदा किया.

और ईतवार को यानी संडे को इस में परींदों को पैदा किया.

और पिर यानी मंडे के दिन दर्ख़तों को पैदा किया.

और ज़रुरी काम काज की चिज़े-जैसे मुख़तलीफ़ धातों, लोहा वगैरे को मंगल के दिन यानी ट्युसडे के दिन पैदा किया.

और नुर को बुध यानी वेडनेस्डे के दिन पैदा किया.

और जुमेरात को यानी-थरस्डे के दिन ज़मीन मे जानवरों को फैला दिए.

और आदम अलैहिस्सलाम् को जुमुआ को यानी फ़रायडे के दिन अस्र के बाद पैदा किया. आदम अलैहिस्सलाम्स सब से आख़री मख़लुख़ात में और सब से आख़री वक़्त में यानी जुमुआ के दिन अस्र से लेकर रात तक आदम अलैहिस्सलाम् पैदा हुए।सहीह मुसलीम-किताब सिफ़्तउलख़िलत् वलजन्त् वलनार-बाब इब्तदाअ अलख़ल्क़ व ख़ल्क़ आदम अलैहिस्सलाम-7054-सहीह मुसलीम-7054)

यही बात को अल्लाह तबारक् व तआला ने मुख़तसर तौर पर क़ुरआन में ईस तरह ब्यान फ़र्माया-

(अरबिक……….

तर्जुमाः

आप कहेदोके:किया तुम ईस अल्लाह का ईन्कार करते हो और तुम ईसका शरीक मुक़र्र करते हो जिसने दो दिन में ज़मीन पैदा की.

सारे जहानों का रब्ब्-परवरदिगार ख़ालीक़ व मालिक वही है और ईसने ज़मीन में और इसके ऊपर पहाड़ों को रख दिए और ईसमें बरकत रखदी और ईसमें रहेने वालों के लिए हुदूद-घेरावों की तजविज़ भी ईसमें करदी.सिर्फ चार(4) दिनों में।पुच्छने वालों केलिए ये सब बराबर है.सुरतुल् सजदा,सुरतुल् फ़ज़िलत-41-9-10)

ईस आयत से मालूम हुआ के ज़मीन और ईसके अंदर की चिज़े चार दिनों में पैदा हूई.

यहां पर एक ईश्काल(तसव्वुर) और ख़्याल-शक ये पैदा होता हैके किया सहीह मुसलीम की हदीस में भी ज़मीन और ईसके अंदर की चिज़े चार(4) दिनों में पैदा होने का ज़िक्र है.

जवाबः जी हां.

उपर की हदीस की तफ़सील ईस तरह है, ग़ौर करें.

अल्लाह तआला ने मिट्टी को (यानी ज़मीन को (हफ्ते)यानी सनिचर-सेटर्डे के दिन पैदा किया.

ईतवार यानी संडे को ईसमें पहाड़ों को पैदा किया.

पिर यानी मंडे के दिन दर्ख़तों को पैदा किया.

और काम काज की च़िज़ों,जैसेःतमाम धातों को लोहा वगैरह को मंगल यानी ट्वीस्डे के दिन पैदा किया.

इस तरह से कुल चार दिन हुए.

येह वह ईब्तेदाई नुकात-पॉइंटस् हैं जो क़ुरआन मजीद की ईस आयत की मझ़ीद तशरीह ब्यान करते हैं. इस में नुर का पैदा करना,जानवरों-हैवानात,का फैलाना और आदम अलैहिस्सलाम् को पैदा करना, ज़मीन और ईसकी च़िज़ों में दाखील नहीं है.