सवालः असलामअलैकुम- भाई-आपके रिप्लाय से मैं मुतमईन हूं मगर जैसे के आप जानते है लेडिज़ के प्योर (मुक्कमल)30 रोज़ा नहीं होते और शव्वालु्लमुकर्रम के रोज़ा 30 होंगे केन यु प्लीज़ हेल्प…

जवाबः

ख़वातीन को रमज़ान में रुख़सत दीगई हैके वह रम़जान के रोज़ा बाद में क़ज़ा करें जो इनसे रहे जाते छुट जाते हैं(हैज-महावारी… की वजह से)

शव्वाल के 6 रोजे इस पुरे महिने में कभी भी ऱख सकते हैं इस लिये जो रमज़ान के रोज़े क़जा होजाए इनको पहले रखलें फिर शव्वाल के रोज़े रखें… अगर ऐसा किसी वजह से नहीं करपाए तो शव्वाल के 6 रोज़े रखे जाए और रमज़ान के रोज़ों के बाद शव्वाल के भी रख सकते हैं.