शेरहिंद भाई की जानिब से सवाल असलामअलैकुम सिराज भाई क्या सहर में सिर्फ़ पानी पीने से रोज़ा फ़ाक़ाकशी में शुमार होता है.

जवाबः

आपके सवाल में है लफ़्जः फ़ाक़ा

में इस का मतलब …फ़ी… यानी झूटा या मकरुह ले रहा हूं और इस के हिसाब से जवाब दे रहा हूं….

जी नहीं.. आप सिर्फ़ पानी पी कर भी रोज़ा रख सकते हैं इससे ना रोज़ा फ़ाका होगा और ना ही मकरुह होगा. अलबत्ता सहरी करना सुन्नत है अगर सहर करने के लिये कुच्छ भी ना मिले तब भी आप रोज़ा रख सकते हैं.